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Hindi kahaniya :-             

                               
                          *खून का प्यासा भूत*


एक बार रामपुर गाँव मे ख़ौफ़ का माहौल था ।। जिसका कारण ये था की वहां के लोग बिना किसी बीमारी के मर रहे थे ।। रात को सभी अच्छे से सोते मगर सुबह किसी न किसी घर मे किसी की मौत को जाती ।। राजा के महल मे भी कुछ  सैनिकों की मौत हो चुकी थी।। पूरा गाँव दहशत मे था ।। ईधर राजू भी महारज के पास बैठा इस बारे मे सोच रहा था की ये सब हो कैसे रहा है।। अगली ही रात खेतो से लौट रहे रामू काका  पर हमला होता है ।।

वो चीज बहुत भयानक थी जिसने रामू काका पर हमला किया था ।। वो रामू काका को मारने ही वाला होता है की तभी वह उनका बेटा  मोहन आ जाता है और वो चीज रामु काका को जिन्दा छोड़ कर भाग जाती है ।। रामू काका बहुत डर जाते है ।। मोहन अपने पिता रामु काका को  लेकर घर आ जाता है ।। वो सारी बाते राजू को बताता है ।। राजू सारी बात सुनने के बाद सीधा रामू काका के पास जाता है ।। वो रामू काका से उस चीज के बारे मे पूछता है जिसने उस पर हमला किया था ।।

रामु काका डरे - डरे से बताते है की उसका मुँह काला था और लम्बे - लम्बे दांत थे जिन से खून बह रहा  था ।। वो था खून का प्यसा भूत।। राजू उनकी बात सुन कर डर जाता है क्यूंकि ये कोई नकली नहीं असली बहुत था ।। राजू बहुत परेशान हो जाता है और डर जाता है ।। लकिन फिर भी वो गाँव वालो की जान को इस खतरे से बहार निकालना चाहता था।। वो गाँव मे सभी को रात होने से पहले अपने घरों मे रहने के लिए कहता है  और सभी को सावधान होने के लिए भी ।। ताकि किसी पर हमला न हो ।। कुछ दिन ऐसा करने पर गाँव वालो पर हमले रुक जाते है ।। लेकिन अब वो भूत जानवरो पर हमले शुरु कर देता है ।।

वो जानवरो पर हमले करता और उनका सारा खून पी जाता और उन्हें मरने के लिए छोड देता।। इन सब से राजू बहुत दुखी: हो गया ।। उसने अपने दोस्तों के साथ मिल कर उस भूत को किसी तरह पकडने का निश्चय किया ।। अगली ही रात वो सभी एक जाल बिछाते है ।। वो एक जानवर पकडने वाला एक जाल पत्तो के निचे छिपा देते है जिसे ऊपर खीचने के लिए मिन्की और चिकु और काजु ऊपर पेड़ पर चढ़ जाते है और राजू जान बूझ कर उस जाल के पास खड़ा हो जाता है तकि वो भूत वहां आये और राजू पर हमला करे ।। ताकि वो उस भूत को जाल मे फंसा ले ।।

रात होती है कुछ देर बद वो भूत गाँव मे आता हुआ दिखाई देता है ।। राजू अपनी जान की परवाहा न करते हुए वहीं खड़ा रहता है ।। वो भूत राजू को देखता है और उस  पर  हमला करने के लिए धीरे - धीरे आगे बढता है वो जाल पर खड़ा हो जाता है और राजू पर हमला करने ही वाला होता है के तभी मिन्की और उसके दोस्त जाल को खिंच लेते है और भूत जाल मे फंस कर रह जाता है  तभी सारे गाँव वाल भीे वहां पहुंच जाते है और भूत को देख वो डर जाते है

लेकिन खुश भी होते है क्युकी अब  भूत जाल मे फंस चुका था  और अब सबकी जान सुरक्षित थी ।। सभी राजू और उसके दोस्तों की बहादूरी की  पृशंसा करते है ।। उस भूत को पकड़ कर एक ताबूत मे बन्द कर तहखाने मे बंद करवा दिया जाता है ।।
 
 इस तरह बच्चो राजू और उसके दोस्तों  ने अपनी बहादूरी और साहस से पुरे गाँव की जान बचायी ।। तो बच्चो आप भी हमेशा बहादुर , समझदार और साहसी बनो और दूसरो की मदद करते रहो।।

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